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"सन्डे स्पेशल हिन्दी ब्लॉग"


खमीर के फायदे

भारत के विभिन्न राज्यों और कई देशों में खमीरीकृत भोजन का उपयोग होता है। यह आपको स्वस्थ रखता है। खमीर पेट के अच्छे जीवाणुओं को बढ़ाकर भोजन को पचाने का काम करता है। यह विषैले पदार्थों को खून में मिलने से रोकने में काफी फायदेमंद होता है। इसलिए खमीरीकृत भोजन का सेवन सप्ताह में एक बार जरूर करना चाहिए।
दही- दही अच्छे बैक्टीरिया का सबसे अच्छा स्रोत है। इसमें प्रोटीन और कैल्शियम भरपूर होता है, जो हड्डियों को मजबूत करता है। बाल और त्वचा को सुंदर बनाता है। दही पाचन में फायदेमंद पेट की बीमारियों डायरिया, कब्ज आदि और इन्फेक्शन में भी काफी मददगार है। एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने से अक्सर अच्छे बैक्टीरिया मर जाते हैं। दही अच्छे बैक्टीरिया बनाकर उनकी भरपाई करता है। दही बड़ी आंत (लार्ज इंटेस्टाइन) के लिए खासतौर पर गुणकारी है। इसमें विटामिन-डी, प्रोटीन और विटामिन-बी12 होता है।
पनीर- पनीर के भी कई फायदे हैं। यह खमीरीकरण का सबसे स्वादिष्ट पदार्थ है। खमीरीकरण की प्रक्रिया के दौरान इसमें विटामिन-बी बनता है। यह हमारे शरीर के सभी हिस्सों को चलाने में मदद करता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन-डी भी मौजूद होता है। आप रोजाना पनीर का सेवन कर सकती हैं, क्योंकि संतृप्त वसा आपके लिए शायद अच्छी हो सकती है। जिन्हें हाई कोलेस्ट्रॉल है, वह सप्ताह में दो बार इसका सेवन करें।
ढोकला- ढोकला एक बेहतरीन व्यंजन है जिसे आप नाश्ते या फिर छोटी-मोटी भूख को दूर करने के लिए ले सकती हैं। ढोकले में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और विटामिन होता है। खमीरीकरण करके बनाए जाने वाले इस व्यंजन में बेसन का इस्तेमाल किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह भाप के जरिए बनता है। इसलिए इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है।
इडली- पेट को आराम पहुंचाने के लिए इडली सबसे अच्छा आहार है। इडली बनाने के लिए सामग्री का खमीरीकरण करना पड़ता है, जिसके बाद इसमें प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है। इडली विटामिन बी से भी भरपूर होती है। इस एक व्यंजन से आपके शरीर को कार्बोहाइड्रेटफाइबर, प्रोटीन और विटामिन सभी भरपूर मात्रा में मिलते हैं। अपने नाश्ते में इडली और डोसा शामिल करने से आपको कई फायदे मिलेंगे इसमें तेल का कम प्रयोग होता है जिससे यह काफी स्वास्थ्यवर्धक होते हैं।
सॉकरकट- सॉकरकट न केवल एक स्वादिष्ट व्यंजन है, बल्कि विटामिन और खनिजों का वास्तविक भंडार भी है। यह गोभी को तोड़कर, उसम नमक मिलाकर बनाया जाता है। आप कई महीनों तक इसका प्रयोग कर सकते हैं। यह न सिर्फ प्रोबायोटिक आहार है, बल्कि फाइबर से भी भरपूर है। सॉकरकट फाइबर और विटामिन-बी और सी से भरपूर है।  इसमें कुछ लौह, मैगनीज, तांबा और मैग्नीशियम के शामिल । साथ ही कैल्शियम भी होता है। हड्डी के ऊतक को स्वस्थ रखने के अलावा, यह कैंसर के खिलाफ भी बेहद फायदेमंद है।
किमची- भारत की ही तरह कई अन्य देशों के लोग भी अचार के दीवाने हैं। कोरिया का एक आचार है किमची। यह स्वाद बढ़ाने का नहीं, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने का काम करता है। यह गोभी, खीरा, हरी प्याज और मूली से बनाया जाता है। किमची में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इतना ही नहीं, इससे कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने भी मदद मिलती है। दरअसल किमची में खमीर पाया जाता है, जो पेट को साफ रखने में मददगार साबित होता है। खमीर के कारण इसमें प्रोबायोटिक बैक्टीरिया पनपते हैं, जो हमारे पेट को साफ रखते हैं। यह सेलेनियम और एलिसिन से भी भरपूर है।


नोट- “खमीर वैसे तो स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, क्योंकि उसमें आंतों के लिए अच्छे बैक्टीरिया होते हैं। लेकिन अगर आप खमीर को सात से आठ घंटे से ज्यादा तैयार होने के लिए रखते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य पर उल्टा असर कर सकता है। फ्रिज में भी तैयार किया हुआ खमीर आप एक से दो दिन से ज्यादा न ही रखें, तो अच्छा है। क्योंकि इतने समय के बाद इसमें बुरे बैक्टीरिया बनने शुरू हो जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। जब आपके पेट को अच्छा बैक्टीरिया नहीं मिलेगा, तो वह आपकी पूरी पाचन क्रिया पर प्रभाव डालेगा । तो ध्यान रहे, इडली ढोकला आदि के लिए तैयार किए जाने वाले घोल को न ही ज्यादा देर भीगाए और ना  ही तैयार किए गए मिश्रण को ज्यादा दिनों के लिए रखें। ”

खमीर के प्रोबायोटिक बैक्टीरिया  पेट को साफ रखते है। तो आप अपने भोजन में खमीर को शामिल करना ना भूलें। सप्ताह में एक से दो दिन तो इन्हे अपने भोजन में शामिल करें।

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