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"सन्डे स्पेशल हिन्दी ब्लॉग"


लंच बॉक्स

बच्चे का लंच स्कूल से  वापस आना हर मां के लिए चिंता का कारण है। पर ऐसा क्यों है? क्या अपने कभी सोचा है? इसके लिए आपकी बोरिंग रेसिपी तो जिम्मेदार नहीं?
भले ही आप बच्चे के लिए हर रोज हेल्दी लंच तैयार करती हों, लेकिन बच्चों के मामले में कहानी हेल्दी खाने तक ही नहीं रहती। अन्य लोगों की तरह बच्चे भी खाने के मामले में वैरायटी पसंद करते हैं। उन्हें एक जैसा खाना बोरियत वाला लगता है, इसलिए लंच पैक करते समय आपको थोड़ा स्मार्ट तरीका अपनाना होगा । अगर जरूरत की बात करें तो बच्चों के लंच बॉक्स में प्रोटीन से भरपूर खाना होना चाहिए इसके अलावा लंच में विटामिन पोषक तत्व, ग्लूकोज की पूर्ति करने वाली चीजें हों, जो बच्चे को ऊर्जावान बनाए। लेकिन ये सभी चीजें नेचुरल होनी चाहिए।
लंच में क्या होना चाहिए?
बच्चों को आमतौर पर लंच में अचार परांठा या सब्जी परांठा दिया जाता है। इसका बेहतर और हेल्दी विकल्प है चपाती। मल्टीग्रेन आटे की चपाती और सब्जी बच्चों को लंच में दें। इसके अलावा डेयरी प्रोडक्ट रखें, जैसे कि दही, पनीर आदि। इससे कैल्शियम और प्रोटीन दोनों की पूर्ति होती है, जो उनकी हड्डियों, दांत और शरीर के विकास के लिए जरूरी है। उनको स्टफ्ड रोटी, मल्टीग्रेन ब्रेड सैंडविच या वेज रोल भी दे सकती हैं।
सब्जी-चपाती के साथ लंच में सलाद भी दिया जा सकता है। हालांकि, बच्चे सलाद को बहुत तवज्जो नहीं देते, इसके लिए आपको थोड़ी मेहनत करनी होगी। बच्चों को रंगबिरंगी चीजें काफी पसंद आती हैं, इसलिए उन्हें एक ही सब्जी या फल का सलाद देने की जगह वैरायटी रखें इससे सलाद कलरफुल बनेगा और बच्चे उसे शौक से खाएंगे। सलाद को सुंदर और हेल्दी बनाने के लिए उसमें सब्जी के अलावा कॉर्न, चना और नट्स जैसे कि किशमिश , बादाम आदि डाल सकती हैं। सलाद काटते वक्त उन्हें सिंपल टुकड़ों में काटने की बजाय शेप में काटकर दें। बच्चे खाना खाने में समय ज्यादा लगाते हैं, इसलिए लंच में ऐसा खाना रखें जो टेस्टी भी हो, दिखने में अच्छा हो, जिसे आसानी से खाया जा सके।
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हर रोज कुछ फल
बच्चों के लिए आप जब भी लंच बनाएं, तो ध्यान रहे कि उसके लंच बॉक्स में एक फल जरूर हो। बच्चा फल मन से खाए, इसके लिए आप बच्चों से पूछकर उनकी पसंद का ही फल रखें। बच्चों का मूड चेंज होता रहता है, इस एक ही फल देने की बजाय उन्हें अलग अलग फल दें। बच्चो को पैकेट बंद फूड आइटम्स न दें। इसके दोहरे नुकसान हो सकते हैं। इससे उन्हें पोषण नहीं मिलता, साथ ही पेट भर जाने से वे घर के बने हेल्दी खाने को भी नजरअंदाज करने लगते हैं।
धन्यवाद् !!

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